रांची, नामकुम श्मशान घाट, स्वर्णरेखा नदी के किनारे पंडित मारुति नंदन मिश्रा पंडित जी के द्वारा संचालित अध्यात्म विज्ञान की शिक्षा कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। श्मशान में काली मां का पूजा होगा।
पूजा तपस्या का रूप पहले की तरह ही रहेगा, इसमें श्मशान विद्या, भूत विद्या भी जूड़ा रहेगा। प्रेत को वश में करने की क्षमता बढ़ाना बताया जाएगा। प्रेत को वश में कर के डिपोट करना, नष्ट नहीं होता है क्यों कि पाई मेशन नष्ट नहीं होता है।
अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, लेकिन जो विज्ञान है जो सत्य है उसे छोड़ा नहीं जाएगा। देेव स्वामी की अध्यात्म की दुनिया में एक विज्ञान है जो शरीर के सत्य का मतलब क्या है, यह सिखाती है।
Namkum Asmashan Ghat, Swarna Rekha river
